रिटायरमेंट के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सीनियर सिटीजन की पहली पसंद बन जाता है। यह सुरक्षित है और नियमित ब्याज देता है। लेकिन ब्याज मिलते ही बैंक टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) काट लेता है। चिंता न करें – TDS एडवांस टैक्स है, जिसे ITR में क्लेम कर सकते हैं। बेहतर तो यह है कि इसे कटने ही न दें। सीनियर सिटीजन के लिए खास नियम हैं, जिनसे 1 लाख से ज्यादा ब्याज पर भी TDS से बचा जा सकता है।

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FD ब्याज पर TDS कब लगता है?
बैंक, पोस्ट ऑफिस या कोऑपरेटिव बैंक की FD से सीनियर सिटीजन को सालाना 1 लाख रुपये तक ब्याज पर कोई TDS नहीं। 8% ब्याज दर पर यह करीब 12.5 लाख जमा के बराबर है। इससे ज्यादा होने पर 10% TDS कटता है। सेविंग्स जैसे अन्य ब्याज पर लिमिट सिर्फ 10,000 रुपये है। समझें: एक बैंक में 1 लाख से कम = TDS फ्री।
तरीका 1: निवेश बांटें कई बैंकों में
निवेश को 2-3 बैंकों में फैलाएं। हर जगह 1 लाख तक ब्याज रखें, कुल जितना भी हो – TDS शून्य!
उदाहरण: बैंक A में 11 लाख FD (ब्याज 90,000), बैंक B में 10 लाख (80,000)। कुल 1.7 लाख ब्याज, लेकिन कोई TDS नहीं।
| बैंक | जमा राशि | ब्याज (8%) | TDS |
|---|---|---|---|
| A | 11 लाख | 90,000 | नहीं |
| B | 10 लाख | 80,000 | नहीं |
| कुल | 21 लाख | 1.7 लाख | जीरो! |
तरीका 2: फॉर्म 15H का कमाल
अगर कुल आय टैक्स छूट सीमा (5 लाख नया रेजीम) से कम है, तो फॉर्म 15H भरें। यह घोषणा-पत्र बैंक को TDS न काटने का आदेश देता है। हर FD पर सालाना जमा करें, PAN जरूरी। अगर आय टैक्सेबल है, तो ITR में क्लेम करें।
उदाहरण: सिर्फ FD से 1.5 लाख ब्याज वाले रिटायर्ड व्यक्ति के लिए परफेक्ट – पूरे साल कैश हाथ में!
अन्य स्मार्ट टिप्स
- छोटी-छोटी FD बनाएं, लेकिन ब्याज गणना एक ही।
- TDS कटे तो Form 26AS चेक करें।
- 2026 बजट पर नजर: नियम बदल सकते हैं।
- CA से सलाह लें, खासकर पेंशन+ब्याज वाले केस में।
इन स्टेप्स से सीनियर सिटीजन अपना पैसा बचा पाएंगे। FD प्लानिंग अब आसान!
















