
भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) को बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा है, इस बार का समारोह न केवल सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन होगा, बल्कि भारत के कूटनीतिक कौशल की नई मिसाल भी पेश करेगा, विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस वर्ष के समारोह के लिए मुख्य अतिथियों के नामों की घोषणा कर दी है, जिसमें एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेलते हुए भारत ने एक नहीं, बल्कि दो विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया है।
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ये दो दिग्गज होंगे मुख्य अतिथि
भारत सरकार की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में निम्नलिखित नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे:
- फाम मिन्ह चिन्ह (Pham Minh Chinh): वियतनाम के प्रधानमंत्री।
- फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (Ferdinand Marcos Jr.): फिलीपींस के राष्ट्रपति।
‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी को मिलेगी नई धार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (ASEAN) के इन दो महत्वपूर्ण नेताओं को आमंत्रित करना भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी की दिशा में एक बड़ा कदम है, हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच वियतनाम और फिलीपींस दोनों ही भारत के लिए रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
कूटनीतिक लिहाज से क्यों है खास?
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने एक से अधिक राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया है, लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इन दो देशों का चुनाव भारत की रक्षा और सुरक्षा प्राथमिकताओं को दर्शाता है, हाल के वर्षों में भारत ने इन देशों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल जैसे रक्षा सौदों और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाया है।
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MEA की तैयारी पूरी
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह निमंत्रण भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना और क्षेत्रीय स्थिरता की प्रतिबद्धता को दोहराता है, इस दौरे से न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी, बल्कि व्यापार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।
गणतंत्र दिवस समारोह की विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए आप विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
















