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शादीशुदा होने के बावजूद नहीं बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, अगर आपने की है ये गलती! रजिस्ट्रेशन के 3 कड़े नियम जरूर जान लें।

भारत में शादी का कानूनी पंजीकरण (Marriage Registration) अब न केवल अनिवार्य है, बल्कि कई सरकारी और कानूनी कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शादीशुदा होने के बावजूद आपका मैरिज सर्टिफिकेट आवेदन रद्द हो सकता है? साल 2026 में नियमों को लेकर सख्ती और बढ़ गई है, अगर आपने पंजीकरण के दौरान कुछ खास गलतियां कीं, तो आपको दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं

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शादीशुदा होने के बावजूद नहीं बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, अगर आपने की है ये गलती! रजिस्ट्रेशन के 3 कड़े नियम जरूर जान लें।शादीशुदा होने के बावजूद नहीं बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, अगर आपने की है ये गलती! रजिस्ट्रेशन के 3 कड़े नियम जरूर जान लें।
शादीशुदा होने के बावजूद नहीं बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, अगर आपने की है ये गलती! रजिस्ट्रेशन के 3 कड़े नियम जरूर जान लें।

भारत में शादी का कानूनी पंजीकरण (Marriage Registration) अब न केवल अनिवार्य है, बल्कि कई सरकारी और कानूनी कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शादीशुदा होने के बावजूद आपका मैरिज सर्टिफिकेट आवेदन रद्द हो सकता है? साल 2026 में नियमों को लेकर सख्ती और बढ़ गई है, अगर आपने पंजीकरण के दौरान कुछ खास गलतियां कीं, तो आपको दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

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आयु सीमा का उल्लंघन (Age Limit Compliance)

मैरिज रजिस्ट्रेशन का सबसे पहला और अनिवार्य नियम दूल्हा-दुल्हन की कानूनी उम्र है, नियम के अनुसार, विवाह के समय दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष और दुल्हन की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। यदि शादी के समय उम्र इस सीमा से कम पाई जाती है, तो उसे ‘बाल विवाह’ की श्रेणी में रखकर रजिस्ट्रेशन से इनकार किया जा सकता है। इसके लिए आपको कक्षा 10 की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे ठोस दस्तावेज पेश करने होंगे।

गवाहों की भौतिक उपस्थिति और सही दस्तावेज (Verified Witnesses)

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तब तक पूरी नहीं होती जब तक कि गवाह (Witnesses) मौजूद न हों, नियम के मुताबिक, दो या तीन गवाहों का होना अनिवार्य है जिनके पास वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड) हो, सबसे जरूरी बात यह है कि गवाह वही होने चाहिए जो विवाह के समय भौतिक रूप से उपस्थित थे। गवाहों के बयानों में विसंगति होने पर रजिस्ट्रार आवेदन को तत्काल प्रभाव से रोक सकता है।

विवाह के पुख्ता प्रमाण (Mandatory Evidence of Marriage)

सिर्फ घोषणा मात्र से मैरिज सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता, आवेदन के साथ आपको शादी की स्पष्ट तस्वीरें (जैसे फेरे, वरमाला या निकाह की रस्में) संलग्न करनी होती हैं, इसके अलावा, शादी का मूल निमंत्रण कार्ड (Wedding Card) और यदि विवाह किसी मंदिर, गुरुद्वारे या धार्मिक स्थल पर हुआ है, तो वहां के पुजारी या संस्था द्वारा जारी प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है, इन सबूतों के अभाव में आपका आवेदन खारिज किया जा सकता है।

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ऑनलाइन सुविधा का उठाएं लाभ

प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए वर्तमान में अधिकांश राज्यों ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी है, उत्तर प्रदेश के निवासी IGRSUP पोर्टल और दिल्ली के निवासी e-District पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं।

मैरिज सर्टिफिकेट न केवल पासपोर्ट बनवाने या बैंक खाते के लिए जरुरी है, बल्कि यह कानूनी उत्तराधिकार के दावों में भी बड़ी भूमिका निभाता है, अतः ऊपर दी गई गलतियों से बचें और समय रहते अपने विवाह का पंजीकरण कराएं।

Marriage Registration

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