
देश के लाखों पेंशनभोगियों और ईपीएस-95 (EPS-95) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ताजा रुख से यह साफ हो गया है कि अब कई पात्र पेंशनभोगियों को ‘हायर पेंशन’ (Higher Pension) का लाभ लेने के लिए जटिल आवेदन प्रक्रियाओं और नए फॉर्म भरने की मशक्कत नहीं करनी होगी, विभाग के इस कदम को लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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बिना फॉर्म कैसे बढ़ेगी पेंशन?
ईपीएफओ के नियमों में आई इस स्पष्टता के अनुसार, जिन कर्मचारियों का योगदान पहले से ही उनके वास्तविक वेतन (Actual Salary) के आधार पर कट रहा था और जिनका रिकॉर्ड ईपीएफओ के डेटाबेस में पूरी तरह अपडेटेड है, उन्हें दोबारा ‘हायर पेंशन’ फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी, विशेष रुप से 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त हुए उन कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिन्होंने पहले ही उच्च वेतन पर पेंशन के लिए विकल्प चुना था।
इन लोगों की खुलेगी किस्मत
इस फैसले से मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों को राहत मिलेगी:
- वे कर्मचारी जिन्होंने रिटायरमेंट के समय उच्च पेंशन का विकल्प चुना था, लेकिन तकनीकी कारणों से उनका मामला अटका हुआ था।
- वे कर्मचारी जिनका पीएफ (PF) योगदान सीमित वैधानिक वेतन (Statutory Wage Ceiling) के बजाय उनके वास्तविक वेतन पर काटा गया था।
- जिनका केवाईसी और सर्विस रिकॉर्ड ईपीएफओ पोर्टल पर स्पष्ट है।
मिलेगा बकाया (Arrears) का लाभ
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईपीएफओ अब उन मामलों की स्वतः समीक्षा कर रहा है जहाँ उच्च पेंशन का लाभ तकनीकी अड़चनों की वजह से रुका हुआ था, पात्र पाए जाने वाले पेंशनभोगियों की न केवल मासिक पेंशन में वृद्धि की जाएगी, बल्कि उन्हें पिछले समय का बकाया (Arrears) भी दिया जाएगा।
क्या करें पेंशनभोगी?
हालांकि कई मामलों में फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का सलाह है कि पेंशनभोगी EPFO Unified Portal पर जाकर अपना स्टेटस समय-समय पर चेक करते रहें, यदि आपकी पात्रता बनती है और पेंशन में सुधार नहीं दिख रहा है, तो आप EPFiGMS (Grievance Portal) के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ईपीएफओ के इस लचीले रुख से उन बुजुर्ग पेंशनभोगियों को सबसे ज्यादा मदद मिलेगी जो बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने और ऑनलाइन फॉर्म भरने की जटिलता से जूझ रहे थे।
















