
देश में बेटियों के भविष्य को संवारने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है, मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी लोकप्रिय ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के दूसरे चरण यानी लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के तहत बेटियों को दी जाने वाली कुल आर्थिक सहायता को बढ़ाकर करीब ₹1.50 लाख (₹1.43 लाख से ₹1.50 लाख तक) कर दिया है।
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शिक्षा के हर पड़ाव पर मिलेगी आर्थिक मदद
योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक, सरकार अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है:
- कक्षा 6वीं, 9वीं और 11वीं: स्कूल में प्रवेश लेने पर ₹2,000 से ₹6,000 तक की छात्रवृत्ति।
- कॉलेज प्रवेश: स्नातक (Graduation) या प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने पर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाएगी।
- एकमुश्त मैच्योरिटी: जब बेटी 21 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी, तब उसे ₹1 लाख से अधिक की अंतिम राशि प्रदान की जाएगी (शर्त यह है कि उसका विवाह 18 वर्ष से पहले न हुआ हो)।
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता मानदंड)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें रखी हैं:
- आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
- बालिका के माता-पिता आयकर दाता (Income Taxpayer) नहीं होने चाहिए।
- आंगनवाड़ी केंद्र में बालिका का नाम दर्ज होना आवश्यक है।
- यह लाभ परिवार की अधिकतम दो संतानों तक ही सीमित है।
आवेदन प्रक्रिया: सीधे खाते में कैसे आएंगे पैसे?
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया है, इच्छुक अभिभावक लाड़ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
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जरुरी दस्तावेज
आवेदन के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, समग्र आईडी (Samagra ID) और बैंक खाता विवरण तैयार रखें, सत्यापन के बाद, योजना की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
सरकार की इस पहल से न केवल लिंगानुपात में सुधार की उम्मीद है, बल्कि यह बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
















