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बरेली वालों की खुली किस्मत! एक साथ जुड़ेंगे 4 एक्सप्रेसवे, नक्शे में देखें आपके गांव या शहर के पास से कहां निकलेगा नया हाईवे

नया हाईवे नेटवर्क आपके गांव या शहर के पास से कैसे गुजरेगा? देखें पूरा नक्शा और जानिए आने वाले रोड जंक्शन से आवागमन और व्यापार में क्या होगा बड़ा बदलाव।

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बरेली वालों की खुली किस्मत! एक साथ जुड़ेंगे 4 एक्सप्रेसवे, नक्शे में देखें आपके गांव या शहर के पास से कहां निकलेगा नया हाईवे
बरेली वालों की खुली किस्मत! एक साथ जुड़ेंगे 4 एक्सप्रेसवे, नक्शे में देखें आपके गांव या शहर के पास से कहां निकलेगा नया हाईवे

उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना (Road Infrastructure) को नई गति देने के लिए योगी सरकार लगातार हाईवे (Highway) और एक्सप्रेस-वे (Expressway) नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में अब बरेली-ललितपुर कॉरिडोर (Bareilly–Lalitpur Corridor) को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर प्रदेश के उत्तर से दक्षिण तक आवागमन को सुगम बनाएगा और बरेली को एक बड़े Expressway Junction के रूप में स्थापित करेगा।

उत्तर से दक्षिण तक सीधा कनेक्शन

प्रस्तावित बरेली-ललितपुर कॉरिडोर के निर्माण से उत्तराखंड सीमा से लेकर बुंदेलखंड तक सीधा सड़क संपर्क (Road Connectivity) स्थापित हो जाएगा। वर्तमान में बरेली से उत्तराखंड के लिए बरेली-सितारगंज हाईवे का निर्माण कार्य पहले से प्रगति पर है। नए कॉरिडोर के जुड़ने से यह संपर्क और मजबूत होगा, जिससे उत्तर से दक्षिण की यात्रा में समय और लागत दोनों की बचत होगी।

गंगा और यमुना Expressway से होगा सीधा जुड़ाव

इस कॉरिडोर की सबसे अहम विशेषता यह है कि यह प्रदेश के दो प्रमुख एक्सप्रेस-वे—गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) और यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway)—से सीधे जुड़ेगा। जानकारी के अनुसार, बदायूं में बिनावर के पास यह कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा, जबकि मथुरा क्षेत्र में इसका कनेक्शन यमुना एक्सप्रेस-वे से होगा। इससे पूर्व-पश्चिम (East-West) और उत्तर-दक्षिण (North-South) दोनों दिशाओं में तेज और सुगम यातायात संभव हो सकेगा।

किन जिलों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर

बरेली-ललितपुर कॉरिडोर का प्रस्तावित रूट कासगंज, आगरा, ग्वालियर और झांसी होते हुए ललितपुर तक जाएगा। यह मार्ग न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों को भी बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने में सहायक होगा। हालांकि, बरेली मंडल में इस कॉरिडोर का सटीक स्वरूप क्या होगा, इस पर अभी स्थानीय स्तर पर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

Google Map से तैयार हुआ प्रारंभिक प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, इस कॉरिडोर का प्रारंभिक प्रस्ताव मुख्यालय स्तर पर गूगल मैप (Google Map) की मदद से तैयार किया गया है। स्थानीय लोक निर्माण विभाग (PWD) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस परियोजना के संबंध में कोई औपचारिक निर्देश या विस्तृत खाका प्राप्त नहीं हुआ है।

Bareilly-Mathura National Highway से भी जुड़ाव

बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे (Bareilly–Mathura National Highway) को पहले से ही सिक्स लेन (Six Lane) में परिवर्तित करने का कार्य चल रहा है। माना जा रहा है कि बरेली-ललितपुर कॉरिडोर इसी हाईवे से भी कहीं न कहीं जुड़ेगा, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। इसके पूरा होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों (Industrial & Trade Activities) को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Gorakhpur–Shamli Expressway से मजबूत होगा East-West नेटवर्क

प्रदेश में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे (Gorakhpur–Shamli Expressway) के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके पूरा होने पर पूर्व से पश्चिम तक सड़क मार्ग से आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा। बरेली पहले से ही लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे (Lucknow–Delhi National Highway) से जुड़ा हुआ है, ऐसे में नए कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे इसे एक रणनीतिक ट्रांसपोर्ट हब (Transport Hub) बना देंगे।

कैबिनेट से मंजूरी की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (North-South Corridor) परियोजना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब इसे कैबिनेट (Cabinet Approval) से पास कराने की तैयारी चल रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस परियोजना के बारे में अभी केवल समाचार पत्रों के माध्यम से ही जानकारी मिली है।

लोक निर्माण विभाग (NH खंड) के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव के अनुसार, बरेली-ललितपुर कॉरिडोर को लेकर विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है और न ही मुख्यालय से कोई जानकारी मांगी गई है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि विभाग को अभी तक कोई आधिकारिक आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी नवरत्न ने भी स्पष्ट किया कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन बरेली-ललितपुर कॉरिडोर पर फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर तैयार होने के बाद बरेली, बदायूं, कासगंज और आसपास के जिलों में निवेश (Investment), लॉजिस्टिक्स (Logistics) और रियल एस्टेट (Real Estate) को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, कृषि उत्पादों और औद्योगिक माल की ढुलाई आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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