Join Youtube

1 साल का B.Ed कोर्स: कौन कर सकता है अप्लाई और क्या बंद होगा 2 वर्षीय बीएड? करियर एक्सपर्ट्स से जानें नया नियम।

NCTE ने NEP 2020 के तहत 2026-27 से 1 साल का B.Ed फिर शुरू किया! PG या 4-इयर UG वाले अप्लाई करें (50% अंक जरूरी)। 2 साल का B.Ed जारी रहेगा। फास्ट-ट्रैक से समय बचेगा, स्पेशलाइजेशन मिलेगा। ITEP भी चलेगा। एंट्रेंस एग्जाम का इंतजार – NCTE साइट चेक करें!

Published On:
1 साल का B.Ed कोर्स: कौन कर सकता है अप्लाई और क्या बंद होगा 2 वर्षीय बीएड? करियर एक्सपर्ट्स से जानें नया नियम।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने हाल ही में एक बड़ा बदलाव किया है जो लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर लाया है। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को फिर से शुरू किया जा रहा है। पुराने समय में ये कोर्स बहुत लोकप्रिय था, लेकिन अब ये NEP के नए दिशानिर्देशों के साथ वापस आ रहा है। अगर आप शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो ये बदलाव आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। आइए, इसकी हर डिटेल को आसान भाषा में समझते हैं।

1 वर्षीय B.Ed के लिए कौन योग्य?

दोस्तों, सबसे पहले ये जान लीजिए कि ये 1 साल का B.Ed कोर्स किसके लिए है। ये खासतौर पर उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्होंने पहले से मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड बना लिया है। मास्टर्स डिग्री (जैसे MA, MSc या MCom) पूरी कर चुके पोस्टग्रेजुएट्स इसके लिए परफेक्ट हैं।

साथ ही, NEP के तहत 4 साल का ऑनर्स या रिसर्च बेस्ड अंडरग्रेजुएट कोर्स (4-Year UG) करने वाले भी अप्लाई कर सकते हैं। अंकों की बात करें तो ज्यादातर मामलों में ग्रेजुएशन या पोस्टग्रेजुएशन में कम से कम 50% मार्क्स जरूरी होंगे। ये नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि सिर्फ तैयार उम्मीदवार ही आगे बढ़ें और क्वालिटी टीचर्स तैयार हों।

2 वर्षीय B.Ed का क्या होगा?

अब सवाल ये उठता है कि क्या पुराना 2 साल का B.Ed खत्म हो जाएगा? बिल्कुल नहीं! NCTE ने साफ कहा है कि 2 वर्षीय कोर्स जारी रहेगा। खासकर उन छात्रों के लिए जो 3 साल के ट्रेडिशनल ग्रेजुएशन (BA, BSc, BCom) कर चुके हैं और उनके पास मास्टर्स नहीं है। उन्हें अभी भी 2 साल का B.Ed ही करना पड़ेगा। अच्छी बात ये है कि दोनों कोर्स साथ-साथ चलेंगे। इससे हर तरह के बैकग्राउंड वाले छात्रों को मौका मिलेगा – कोई जल्दी में हो या धीरे-धीरे पढ़ना चाहे। ये बैलेंस NEP का मूल मंत्र है, जहां सबको समान अवसर मिले।

नए नियम जो बदल देंगे आपका करियर

करियर एक्सपर्ट्स इस बदलाव को सराह रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा तो पोस्टग्रेजुएट्स को मिलेगा, 1 साल में B.Ed हो जाएगा, यानी 1 साल की बचत! ये एक तरह का फास्ट-ट्रैक रूट है, जो समय और पैसे दोनों बचाएगा। ऊपर से, 1 वर्षीय कोर्स में स्पेशलाइजेशन के ऑप्शन मिलेंगे।

चाहे फाउंडेशनल लेवल हो, प्रिपरेटरी, मिडिल या सेकेंडरी स्टेज आप अपनी पसंद के मुताबिक ट्रेनिंग चुन सकेंगे। इससे टीचर्स ज्यादा स्किल्ड और स्पेशलाइज्ड बनेंगे, जो आज की जरूरत है। स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए ये परफेक्ट सेटअप है।

ITEP और दूसरे विकल्प बरकरार

अगर आप 12वीं के बाद ही टीचर बनना चाहते हैं, तो 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) अभी भी मुख्य विकल्प है। ये NEP का फ्लैगशिप कोर्स है, जो डायरेक्ट एंट्री देता है। 1 या 2 साल के B.Ed के साथ ये प्रोग्राम्स मिलकर पूरा इकोसिस्टम बनाएंगे। NCTE का मकसद यही है कि भारत में टीचर ट्रेनिंग मॉडर्न और फ्लेक्सिबल बने।

एडमिशन कैसे होगा और सलाह

एडमिशन प्रोसेस में राज्य या सेंट्रल लेवल पर एंट्रेंस एग्जाम हो सकता है। डिटेल्स जल्द ही NCTE की वेबसाइट पर अपडेट होंगी। मेरी सलाह? आधिकारिक साइट ncte.gov.in को बुकमार्क कर लीजिए और अलर्ट्स ऑन रखें। लोकल यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की नोटिफिकेशन्स भी चेक करते रहें। अगर आप सही टाइम पर अप्लाई करेंगे, तो ये मौका हाथ से न जाने पाएगा।

ये बदलाव न सिर्फ छात्रों के लिए बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम के लिए मील का पत्थर हैं। NEP 2020 को अमल में लाने की ये दिशा साफ दिख रही है। अगर आप टीचिंग फील्ड में इंटरेस्टेड हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए। समय के साथ और डिटेल्स आएंगी, लेकिन ये स्टार्ट बेस्ट है!

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें