
उत्तर प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, खाद्य एवं रसद विभाग ने राज्य के कई जिलों में राशन वितरण प्रणाली (Ration Distribution System) के कोटे में बड़े बदलाव का फैसला किया है, फरवरी 2026 से लागू होने वाले इस नए नियम के तहत अब लाभार्थियों को मिलने वाले अनाज में गेहूं की मात्रा बढ़ जाएगी और चावल की मात्रा में कटौती की जाएगी।
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अब झोले में होगा ज्यादा गेहूं
पिछले काफी समय से कोटेदारों के माध्यम से चावल की अधिक मात्रा वितरित की जा रही थी, लेकिन उपभोक्ताओं की मांग और स्टॉक की उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने गेहूं का हिस्सा बढ़ाने का निर्णय लिया है। नए आवंटन के अनुसार:
- पात्र गृहस्थी (PHH) कार्डधारक: अब प्रति यूनिट 5 किलो राशन में से 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिए जाने की संभावना है। (अभी तक यह अनुपात इसके उलट या समान था)।
- अंत्योदय कार्डधारक: सबसे गरीब परिवारों को मिलने वाले 35 किलो राशन के पैकेट में भी गेहूं का वजन बढ़ाया जा रहा है, जिससे आम जनता को रोटी के लिए बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
किन जिलों में दिखेगा असर?
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव विशेष रूप से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में प्रभावी होगा, इनमें मेरठ, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े मंडल शामिल हैं, विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में गेहूं की खपत चावल के मुकाबले अधिक है, इसलिए स्थानीय पसंद के आधार पर वितरण प्रणाली को सुधारा जा रहा है।
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कोटेदारों को मिले निर्देश
शासन ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे फरवरी महीने के स्टॉक का उठाव इसी नए अनुपात में सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) को ई-पॉस (e-POS) मशीन के माध्यम से पारदर्शिता बरतने को कहा गया है।
कैसे चेक करें अपनी पात्रता?
यदि आप राशन कार्ड धारक हैं और अपने क्षेत्र के कोटे की जानकारी लेना चाहते हैं, तो आप उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘NFSA पात्रता सूची’ में अपना नाम और मिलने वाले अनाज का विवरण चेक कर सकते हैं। किसी भी शिकायत या समस्या के लिए विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क किया जा सकता है।
सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जो चावल की तुलना में गेहूं का सेवन अधिक करते हैं। फरवरी से राशन की दुकानों पर अब गेहूं के बड़े ढेर देखने को मिलेंगे।
















