Join Youtube

Pressure Cooker Warning: कुकर में बनाते हैं ये 5 चीजें तो सावधान! सेहत के लिए बन सकती हैं ज़हर

प्रेशर कुकर तेज़ कुकिंग का राजा है, लेकिन ब्राउन राइस, आलू, दालें, दूध-डेयरी और अंडे को इसमें पकाना सेहत के लिए खतरा! फाइटिक एसिड, एक्रिलामाइड, लेक्टिन से पोषण नष्ट, कैंसर रिस्क बढ़ता है। स्लो कुकिंग अपनाओ, पोषण बचाओ। कुकर हर चीज का दोस्त नहीं!

Published On:
Pressure Cooker Warning: कुकर में बनाते हैं ये 5 चीजें तो सावधान! सेहत के लिए बन सकती हैं ज़हर

प्रेशर कुकर हमारी किचन का वो जादुई हथियार है जो खाने को चुटकियों में तैयार कर देता है, खासकर जब जल्दी हो और पेट चिल्ला रहा हो। लेकिन भाई, कभी सोचा है कि ये तेज़ रफ्तार वाला कुकर कुछ चीजों को पकाते वक्त उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है? हां, कुछ फूड आइटम्स ऐसे हैं जिनका पोषण कुकर की गर्मी से उड़नछू हो जाता है या फिर वो हानिकारक बन जाते हैं।

मैं एक हेल्थ एक्सपर्ट की नजर से आपको बताता हूं पांच ऐसी चीजें जिन्हें कुकर में पकाना बंद कर दो, वरना सेहत पर भारी पड़ सकता है। चलो, एक-एक करके देखते हैं।

ब्राउन राइस

ब्राउन राइस तो हम सब हेल्दी मानते हैं ना, फाइबर से भरपूर, वजन कंट्रोल का साथी। लेकिन कुकर में इसे पकाओ तो फाइटिक एसिड नाम का वो तत्व सक्रिय हो जाता है जो आयरन, जिंक जैसे मिनरल्स को बॉडी में अब्जॉर्ब ही नहीं होने देता। ऊपर से स्टार्च बढ़ जाता है, ब्लड शुगर स्पाइक हो सकता है। मैंने क्लिनिक में कई मरीज देखे जो ब्राउन राइस खाकर भी एनीमिया से जूझ रहे थे। बेहतर है, इसे ओपन पॉट में धीमी आंच पर बनाओ – 20-25 मिनट लगेंगे, लेकिन पोषण सलामत रहेगा। सफेद चावल भी ज्यादा देर कुकर में मत रखो, वरना वो भी स्टार्ची हो जाता है।

आलू

आलू हमारा रोज का साथी है, सब्जी हो या चिप्स। लेकिन कुकर की हाई प्रेशर हीट से इसमें एक्रिलामाइड बनता है – WHO इसे कैंसर का शकदार मानता है। ज्यादा व्हिसल आने पर ये और बढ़ता है। स्टडीज कहती हैं कि 120 डिग्री से ऊपर टेम्परेचर पर स्टार्च ब्रेकडाउन से ये केमिकल जन्म लेता है। घर में ट्राई करो, कुकर वाले आलू बनाकर देखो तो ब्राउनिश हो जाते हैं – वो संकेत है। सेफ ऑप्शन? भाप में या लो फ्लेम पर भूनो। स्वाद भी अच्छा, नुकसान जीरो।

दालें

दालें प्रोटीन का खजाना हैं, लेकिन अरहर, चना या उड़द जैसी दालों में लेक्टिन होता है जो पेट फूलना, गैस या डाइजेशन प्रॉब्लम पैदा करता है। कुकर तेजी से पकाता है, लेकिन लेक्टिन पूरी तरह खत्म नहीं होता – खासकर अगर भिगोया न हो। रिसर्च दिखाती है कि 100 डिग्री से कम टेम्परेचर पर सोखिंग के साथ पकाने से ये 90% कम हो जाता है। मेरी सलाह: रात भर भिगोओ, फिर स्लो कुक करो। पाचन सुधरेगा, प्रोटीन मिलेगा। किडनी पेशेंट्स के लिए ये गोल्डन रूल है।

दूध-डेयरी

दूध, पनीर या दही को कुकर में डालना मतलब बर्बादी। हाई टेम्परेचर से B12 विटामिन और प्रोटीन डिनेचर हो जाते हैं – दूध फटता भी है। पनीर रबड़ जैसा सख्त हो जाता है, दही का प्रोबायोटिक खत्म। बच्चों को दूध पिलाने वाली मांएं अक्सर ये गलती करती हैं, फिर कैल्शियम की कमी शिकायत करती हैं। सिम्पल: लो फ्लेम पर उबालो। कस्टर्ड या पनीर ग्रेवी के लिए भी ओपन पैन यूज करो। सेहतमंद रहोगे।

अंडे

अंडे सुपरफूड हैं, लेकिन कुकर में उबालो तो प्रोटीन डिनेचर होकर रबर बन जाता है – पचाना मुश्किल। विटामिन D, B12 हाई हीट से नुकसान पाते हैं। शेल क्रैक हो सकती है, बैक्टीरिया का रिस्क। बॉडी बिल्डर्स ये जानते हैं कि सॉफ्ट बॉयल्ड अंडे ही बेस्ट अब्जॉर्ब होते हैं। हमेशा प्लेन पानी में 8-10 मिनट उबालो। ओमलेट या स्क्रैम्बल्ड के लिए स्टोव ही सही।

दोस्तों, प्रेशर कुकर ग्रेट है लेकिन हर चीज के लिए नहीं। इन पांच चीजों को अवॉइड करो तो पोषण बरकरार रहेगा, सेहत चमकेगी। स्लो कुकिंग को अपनाओ, टेस्ट भी बेहतर मिलेगा। अपनी किचन हैक्स शेयर करो कमेंट्स में!

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें