उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा होने के बाद निर्वाचन आयोग ने 2026 की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। यह एक प्रारंभिक सूची होती है जिसमें मतदाताओं के नाम, पता और अन्य डिटेल्स पब्लिक के लिए ओपन किए जाते हैं ताकि समय रहते गलतियां सुधारी जा सकें और नए नाम जोड़े जा सकें।

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किसे अपना नाम जोड़ना चाहिए?
- ऐसे युवा जिन्होंने 1 जनवरी 2026 तक 18 साल की उम्र पूरी कर ली है लेकिन अभी तक वोटर लिस्ट में नाम दर्ज नहीं है।
- वे नागरिक जिनका नाम पिछले संशोधन के दौरान किसी कारण से कट गया है या गलत डिटेल की वजह से हट गया।
- जो लोग हाल ही में एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट हुए हैं और नए पते पर वोट डालना चाहते हैं।
नाम जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज
वोटर लिस्ट में नया नाम जोड़ने के लिए आमतौर पर फॉर्म‑6 भरना होता है और साथ में कुछ बुनियादी दस्तावेज अपलोड/जमा करने पड़ते हैं। इनका मकसद आपकी उम्र और पते की पुष्टि करना होता है।
- आयु प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- हाई स्कूल (10वीं) मार्कशीट
ऊपर दिए गए में से कोई भी मान्य डॉक्यूमेंट आमतौर पर उम्र साबित करने के लिए स्वीकार किया जाता है।
- निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- बैंक या डाकघर की पासबुक
- बिजली, पानी या गैस का बिल (आमतौर पर पिछले 1 साल के भीतर का)
- पासपोर्ट या प्रॉपर्टी से जुड़े आधिकारिक कागज
इनमें से कोई एक डॉक्यूमेंट आपके वर्तमान पते की पुष्टि के लिए पर्याप्त होता है।
- फोटो और बेसिक डिटेल्स
- हाल की पासपोर्ट साइज कलर फोटो
- मोबाइल नंबर
- अगर परिवार में माता‑पिता या पति/पत्नी का नाम पहले से लिस्ट में है तो उनका EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर)
नया नियम, जन्मतिथि की सही जानकारी क्यों जरूरी हुई?
नए नियमों के अनुसार अब मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए सही जन्मतिथि दर्ज करना पहले से ज्यादा अहम हो गया है। गलत या अनुमानित डेट ऑफ बर्थ देने पर आपका एप्लिकेशन होल्ड पर जा सकता है या रिजेक्ट भी हो सकता है।
- 18 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों के लिए प्राथमिकता ऐसे डॉक्यूमेंट्स को दी जा रही है जिनमें स्पष्ट डेट ऑफ बर्थ लिखी हो।
- जिनके पास स्कूल/बोर्ड का प्रमाण पत्र या सरकारी जन्म प्रमाण पत्र है, उनसे वही डॉक्यूमेंट देने पर जोर दिया जा रहा है ताकि उम्र को लेकर कोई विवाद न रहे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- ऑनलाइन तरीका
- वोटर सर्विस पोर्टल या ऑफिशियल वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए फॉर्म‑6 सबमिट किया जा सकता है।
- डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी अपलोड कर, OTP वेरिफिकेशन के बाद एप्लिकेशन फाइनल सबमिट होता है।
- ऑफलाइन तरीका
- अपने इलाके के बीएलओ (Booth Level Officer) या संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के पास फॉर्म‑6 भरकर जमा किया जाता है।
- डॉक्यूमेंट्स की फोटो कॉपी के साथ फॉर्म देने के बाद फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट से फाइनल लिस्ट में शामिल किया जाता है।
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, पता या EPIC नंबर दर्ज करके यह देखा जा सकता है कि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है या नहीं।
- अगर नाम नहीं दिखता, डुप्लीकेट एंट्री मिलती है या एड्रेस/स्पेलिंग में गलती नज़र आती है, तो तुरंत क्लेम/ऑब्जेक्शन के लिए निर्धारित फॉर्म भरना जरूरी है, क्योंकि फाइनल लिस्ट बनने के बाद सुधार की गुंजाइश काफी कम हो जाती है।
















