बिहार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और प्रदूषण ने सांस लेना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में राज्य सरकार ने कमाल का कदम उठाया – इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 को पूरी ताकत से लागू कर दिया। 2 फरवरी 2024 से सक्रिय यह नीति केंद्र के EV30@30 लक्ष्य से जुड़ी है, जहां 2030 तक वाहनों का 30 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक बनाने का प्लान है। इसका मकसद सिर्फ हवा साफ करना नहीं, बल्कि हर बिहारी को सस्ता और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट देना है।

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दोपहिया पर सब्सिडी बम
दोपहिया वाहनों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने शानदार प्रोत्साहन दिए हैं। पहले 10,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने वालों को प्रति किलोवाट-घंटा 5,000 रुपये की मदद मिलेगी। अनुसूचित जाति-जनजाति वालों को ज्यादा से ज्यादा 10,000 रुपये, जबकि बाकी को 7,500 रुपये तक सब्सिडी। स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा और डेली ट्रैवलर्स के लिए यह वरदान है। पेट्रोल का खर्च आधा, प्रदूषण शून्य – बिहार के रोड्स पर EV बाइक्स की धूम मच जाएगी।
चारपहिया EV कारें अब हर घर की पहुंच में!
चार पहियों वालों के लिए भी खुशखबरी। राज्य में पहले 1,000 इलेक्ट्रिक कारों पर प्रति किलोवाट-घंटा 10,000 रुपये की सहायता। SC/ST वर्ग को 1.50 लाख तक, अन्य को 1.25 लाख रुपये प्रति कार मिलेंगे। फैमिली ट्रिप्स हो या ऑफिस कम्यूट, EV कारें अब बजट में आ गईं। कम मेंटेनेंस, लंबी रेंज और जीरो एमिशन से यह सच्चा फ्यूचर व्हीकल है।
आसान ऑनलाइन आवेदन
सबसे अच्छी बात – पूरी प्रक्रिया डिजिटल। वाहन खरीदें, बिहार में रजिस्टर कराएं, फिर सरकारी पोर्टल पर अप्लाई करें। वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी आपके बैंक में लेटेस्ट। कोई कागजी घमासान नहीं, सिर्फ पारदर्शिता। जल्द ही चार्जिंग स्टेशन भी हर जिले में लगेंगे, ताकि EV इकोसिस्टम मजबूत बने।
सीतामढ़ी से बड़ा रिस्पॉन्स, रोजगार के नए रास्ते!
सीतामढ़ी जैसे जिलों में पहले ही 70 से ज्यादा लोगों ने लाभ उठाया। परिवहन अधिकारी बता रहे हैं कि यह नीति प्रदूषण घटाने के साथ निवेश और जॉब्स लाएगी। बिहार तेजी से ग्रीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा – EV सेक्टर में फैक्ट्रियां, सर्विस सेंटर्स और चार्जिंग नेटवर्क उभरेंगे। 2030 तक राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनेगा।
















