मध्य प्रदेश में सड़कें तेजी से आधुनिक बन रही हैं। इंदौर से उज्जैन के बीच एक नया फोरलेन एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जो यात्रा को अभूतपूर्व रूप से आसान कर देगा। पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक का यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर राज्य सड़क विकास निगम की महत्वाकांक्षी योजना है। एक प्रमुख इंफ्रा कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। इस हाईवे से दोनों शहरों के बीच की दूरी न सिर्फ छोटी होगी, बल्कि सफर सुरक्षित और तेज भी बनेगा।

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48 KM लंबा फोरलेन हाईवे
यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन हाईवे 48.10 किलोमीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा होगा। कुल निवेश 20,000 करोड़ रुपये का है। अभी 48 किलोमीटर का सफर घंटों लेता है, लेकिन नया रोड बनने पर यह सिर्फ 30 मिनट में पूरा हो जाएगा। एटीएमएस और सीसीटीवी कैमरों से लैस यह सड़क 24×7 निगरानी देगी। सिंहस्थ जैसे मेगा इवेंट्स में लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रैफिक कम होने से प्रदूषण घटेगा और अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा।
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27 गांवों से गुजरेगा रूट
हाईवे पितृ पर्वत से निकलकर सिंहस्थ बायपास तक 27 गांवों को छुएगा। प्रमुख गांवों में जंबूरी हप्सी, बुधानिया, हातोद, कांकरिया बोर्डिया, रतनखेड़ी, पीपल्या कायस्थ, रालामंडल, पुलोड, तुमानी, मगरखेड़ी शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
भूमि अधिग्रहण तेज
प्रोजेक्ट के लिए 175 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। सांवेर तहसील और उज्जैन के 8 गांवों के किसानों को प्रभावित किया जाएगा। 911 करोड़ का बजट मुआवजे के लिए है। किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास पैकेज मिलेगा। प्रक्रिया तेज चल रही है।
यह हाईवे इंदौर की कमर्शियल हब और उज्जैन की धार्मिक विरासत को जोड़ेगा। पर्यटन, व्यापार और रोजगार में उछाल आएगा। मध्य प्रदेश विकास की नई मिसाल बनेगा!
















