महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाली ये दोनों योजनाएं अब और भी आकर्षक हो गई हैं। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में राशि बढ़कर 1500 रुपये मासिक हो चुकी है, वहीं झारखंड की मंईयां सम्मान योजना ने भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई ऊंचाई छुई है। नया साल आते ही लाखों बहनें इनके लाभ से गदगद हैं, और सबकी नजर अगली किस्त पर टिकी हुई है।

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योजना का नया स्वरूप
लाड़ली बहना योजना ने महिलाओं को घर की मालकिन बना दिया है। पहले सीमित राशि से शुरु हुई यह पहल अब मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी है। बढ़ी हुई राशि से बहनें न केवल दैनिक जरूरतें पूरी कर पा रही हैं, बल्कि छोटे-मोटे निवेश भी कर रही हैं। इसी तरह मंईयां सम्मान योजना झारखंड की महिलाओं को नई ताकत दे रही है, जहां प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके सपनों को पंख लगा रही है। ये बदलाव महिलाओं को समाज में मजबूत स्थिति दिला रहे हैं।
लाभ की विस्तृत जानकारी
इन योजनाओं का दायरा व्यापक है। लाड़ली बहना में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं शामिल हैं, जिनकी उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच हो। परिवार की सालाना आय सीमा के साथ कोई आयकर दाता न होना भी शर्त है। मंईयां सम्मान योजना में 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को प्राथमिकता मिल रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ये शर्तें सुनिश्चित करती हैं कि जरूरतमंद तक लाभ पहुंचे। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और निवास प्रमाण जरूरी होते हैं।
बढ़ोतरी का असर
राशि में हुई वृद्धि ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। अब वे बच्चों की पढ़ाई, घर का सामान और स्वास्थ्य पर बेहतर खर्च कर पा रही हैं। लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। मंईयां योजना भी इसी दिशा में बढ़ रही है, जहां नई महिलाओं को जोड़ने का अभियान चल रहा है। इससे परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। आने वाले समय में और विस्तार की उम्मीद है।
अगली किस्त का इंतजार
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगली किस्त कब खाते में आएगी। लाड़ली बहना की 32वीं किस्त जनवरी 2026 के मध्य तक पहुंचने की संभावना है, शायद मकर संक्रांति के आसपास। मंईयां सम्मान की किस्तें भी नियमित अंतराल पर जारी हो रही हैं। लाभार्थी अपने पोर्टल पर समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस जांच सकते हैं। थोड़ा धैर्य रखें, जल्द ही खाते खुशहाली से भर जाएंगे। हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने से तुरंत जानकारी मिल जाएगी।
















