महाराष्ट्र सरकार ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को दूर करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस खास पहल से अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को सीधे 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल रही है। युवा पीढ़ी में यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह न केवल प्रेम को मजबूती देती है बल्कि नई जिंदगी की शुरुआत को भी आसान बनाती है। कई जोड़े इस मदद से घर खरीदने या पढ़ाई पूरी करने जैसे सपनों को साकार कर रहे हैं।

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योजना का उद्देश्य
यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। राज्य सरकार का मानना है कि अंतरजातीय विवाह से पुरानी रूढ़ियां टूटेंगी और समाज एकजुट होगा। शुरूआत में छोटे स्तर पर चली यह स्कीम अब लाखों युवाओं तक पहुंच चुकी है। हर साल सैकड़ों जोड़े इससे लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। यह न सिर्फ आर्थिक मदद है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का बड़ा माध्यम भी।
पात्रता के नियम
इस लाभ के लिए महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना पहली शर्त है। विवाह करने वाले जोड़े में से कम से कम एक सदस्य अनुसूचित जाति, जनजाति, भटकंती समुदाय या विशेष पिछड़े वर्ग से होना चाहिए। वर की आयु 21 साल और वधू की 18 साल पूरी होनी चाहिए। विवाह का पंजीकरण हिंदू विवाह कानून या विशेष विवाह अधिनियम के तहत जरूरी है। साथ ही, यह पहला विवाह होना चाहिए और आवेदन शादी के एक साल के भीतर करना पड़ता है। आय सीमा अब हटा दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फायदा उठा सकें।
लाभ की राशि
कुल 3 लाख रुपये की यह सहायता दो हिस्सों में मिलती है। राज्य सरकार 50 हजार रुपये देती है, जबकि बाबासाहेब आंबेडकर फाउंडेशन 2.5 लाख रुपये का योगदान करता है। पूरी राशि जोड़े के संयुक्त बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर हो जाती है। इसमें से एक लाख रुपये तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाता है, जिसका ब्याज जोड़े को मिलता है। अगर पहले किसी अन्य योजना से मदद ली हो, तो उसकी राशि काट ली जाती है।
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आवेदन की पूरी प्रक्रिया
आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन आसानी से हो जाता है। सरकारी वेबसाइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड करें, विवरण भरें और अपलोड कर दें। ऑफलाइन के लिए जिला कल्याण अधिकारी के पास जमा करें। जरूरी कागजातों में विवाह प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण और पहली शादी का शपथपत्र शामिल हैं। जांच के बाद तीन महीने में राशि खाते में आ जाती है। प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि कोई परेशानी न हो।
योजना के फायदे
इस स्कीम से नई जोड़ी खुशी-खुशी जीवन शुरू कर पाती है। घरेलू खर्च, शिक्षा या छोटा कारोबार चलाने में यह राशि बड़ी मदद करती है। समाज में भी जागरूकता बढ़ रही है, क्योंकि लोग अब जाति से ऊपर सोचने लगे हैं। सरकार का यह प्रयास लंबे समय तक असर दिखाएगा। अगर आप भी योग्य हैं, तो देर न करें और आवेदन करें। यह मौका बदलाव लाने का है!
















