
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुँचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, नई व्यवस्था के तहत, अब किसी भी सरकारी योजना (जैसे पेंशन, सामूहिक विवाह योजना या अन्य समाज कल्याण लाभ) का लाभ उठाने के लिए विवाह पंजीकरण (मैरिज सर्टिफिकेट) होना अनिवार्य होगा।
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इन 3 जगहों पर होगा पंजीकरण
विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए सरकार ने तीन प्रमुख स्थान निर्धारित किए हैं, जहाँ नागरिक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं:
- नागरिक अपने क्षेत्र की संबंधित तहसील में जाकर पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं।
- उप-निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय में जाकर कानूनी रूप से विवाह का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ब्लॉक मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगम या नगर पालिका कार्यालय में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े को रोकना है, अक्सर देखा गया है कि अपात्र लोग भी कागजी हेरफेर कर योजनाओं का लाभ ले लेते हैं, विवाह पंजीकरण अनिवार्य होने से लाभार्थी की पहचान पुख्ता होगी और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी लगाम लगेगी।
ऑनलाइन पंजीकरण की भी है सुविधा
दफ्तरों के चक्कर काटने से बचने के लिए नागरिक उत्तर प्रदेश स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
पंजीकरण के लिए आवेदक के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक हैं:
- पति-पत्नी का आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
- आयु प्रमाण पत्र (हाईस्कूल मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)।
- विवाह की फोटो और शादी का कार्ड।
- कम से कम दो या तीन गवाहों की मौजूदगी।
सरकार की इस पहल से अब बिना वैध पंजीकरण के सरकारी लाभ लेना असंभव होगा, इसलिए सभी विवाहित जोड़ों को जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
















