
बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नए साल 2026 का बड़ा तोहफा दिया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ के तहत अब प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री के लिए निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, सरकार ने ‘डोर-स्टेप रजिस्ट्री’ (Door-step Registration) की सुविधा को हरी झंडी दे दी है।
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क्या है ‘सात निश्चय-3’ की नई व्यवस्था?
नीतीश सरकार ने सुशासन के अगले चरण ‘सात निश्चय-3’ में ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) पर विशेष जोर दिया है। इस नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- 1 अप्रैल 2026 से पूरे बिहार में ‘मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट’ सक्रिय हो जाएगी, यह यूनिट बायोमेट्रिक मशीनों और आवश्यक उपकरणों के साथ सीधे आवेदक के घर पहुंचेगी।
- ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद, विभाग को अधिकतम 7 कार्य दिवसों के भीतर घर पर जाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
- शुरुआती चरण में यह सुविधा 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) व्यक्तियों के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध होगी।
- रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचल कार्यालय (Block Office) से जमीन की अद्यतन स्थिति (Updated Status) की रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है, ताकि खरीदार और विक्रेता किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बच सकें।
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सरकारी कामकाज में बढ़ेगी पारदर्शिता
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बिचौलियों के हस्तक्षेप को समाप्त करना और सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुँचाना है, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ‘सात निश्चय-3’ का लक्ष्य केवल ढांचागत विकास नहीं, बल्कि आम जनजीवन को सरल बनाना है।
कैसे उठाएं लाभ?
इच्छुक लाभार्थी बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘होम रजिस्ट्री’ के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, इसके अलावा, सरकार ने इस नई प्रणाली पर आम जनता से 19 जनवरी 2026 तक सुझाव भी मांगे हैं।
इस कदम से न केवल बुजुर्गों को शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि संपत्ति विवादों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।
















