बिहार में बुजुर्गों के लिए खुशखबरी है। अब 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग घर बैठे ही जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री करा सकेंगे। यह नई व्यवस्था सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी को हमेशा के लिए खत्म कर देगी।

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बुजुर्गों को क्यों मिली यह सौगात
उम्रदराज लोगों को अक्सर रजिस्ट्री के कामों में भारी परेशानी होती है। लंबी दूरी तय करना, कतारों में खड़े रहना और शारीरिक थकान उन्हें परेशान कर देती है। नई पहल इसी समस्या का समाधान लेकर आई है, जहां सरकारी टीम खुद उनके दरवाजे पर पहुंचेगी। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि स्वास्थ्य जोखिम भी कम होंगे।
कौन ले सकेगा फायदा
यह सुविधा सिर्फ 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। चाहे वे जमीन बेच रहे हों या खरीद रहे हों, घर पर ही सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगर कोई बुजुर्ग बीमार है या चलने में दिक्कत है, तो यह उनके लिए वरदान साबित होगी। पहले चरण में यही वर्ग इसका लाभ उठाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चले।
प्रक्रिया कैसे होगी आसान
सबसे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भरना होगा। आवेदन मिलते ही निबंधन विभाग की मोबाइल यूनिट घर आ जाएगी। यहां बायोमेट्रिक जांच, दस्तावेज सत्यापन और हस्ताक्षर जैसी सारी औपचारिकताएं हो जाएंगी। पूरी प्रक्रिया महज सात कार्य दिवसों में निपट जाएगी, बिना किसी देरी के। यह डिजिटल तरीके से काम करेगी, जो पारदर्शिता बढ़ाएगी।
जमीन की सच्चाई पहले पता चलेगी
रजिस्ट्री से पहले खरीदार को जमीन की पूरी डिटेल मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड से ताजा जानकारी निकाली जाएगी, जैसे कोई विवाद तो नहीं या पुराना कर्ज तो बाकी नहीं। विक्रेता और खरीदार दोनों को यह रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और सौदा सुरक्षित बनेगा। यह कदम संपत्ति लेन-देन को और विश्वसनीय बनाएगा।
कब शुरू होगी यह सेवा
1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू हो जाएगी। विभाग को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश हैं, जिसमें पोर्टल अपग्रेड और मोबाइल यूनिट्स की व्यवस्था शामिल है। जल्द ही लोग सुझाव भी दे सकेंगे, ताकि सिस्टम और बेहतर बने। यह बदलाव निश्चित रूप से लाखों बुजुर्गों की जिंदगी आसान कर देगा।
















