
यह तो सुनकर दिल खुश हो गया कि EPFO ने अपने लाखों EPS पेंशनर्स के लिए एक ऐसा कमाल का इंतजाम कर दिया है, जिससे अब बैंक या ऑफिस के चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ हाथ मिलाकर उन्होंने मुफ्त डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) सेवा शुरू कर दी है।
सोचिए, खासकर वो बुजुर्ग भाई-बहन या गांव के पेंशनर जो स्मार्टफोन चलाने में कसमसाते हैं, उनके लिए ये वरदान से कम नहीं। घर का दरवाजा खोलो, बस पोस्टमैन आ जाएगा और सारा काम हो जाएगा। ये सेवा डिजिटल इंडिया को और मजबूत बनाते हुए बुजुर्गों की जिंदगी आसान कर रही है।
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सेवा कैसे मिलेगी घर-घर तक?
अब सबसे बड़ा सवाल ये कि ये जादू कैसे होगा। सरल शब्दों में बताता हूं, पेंशनर को बस IPPB कस्टमर केयर नंबर 033-22029000 पर कॉल करनी है या उनके मोबाइल ऐप से स्लॉट बुक करना है। तय समय पर डाकिया या पोस्टमैन आपके दरवाजे पर दस्तक देगा। पहले वो आपका पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और आधार डिटेल्स चेक करेंगे। फिर फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से आपका चेहरा स्कैन करके DLC बना देंगे। अगर फेस मैच न हो तो फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक का सहारा लेंगे।
कामयाबी पर तुरंत SMS आ जाएगा और सर्टिफिकेट जीवनप्रमाण पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। पूरी प्रक्रिया फ्री है, EPFO ही सारा खर्चा उठा रहा है। क्या बात है ना, इतना आसान!
पुराने लटके केस पहले सुलझेंगे
EPFO ने साफ निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले उन पेंशनर्स का नंबर आएगा जिनके DLC केस 5 साल से ज्यादा लटके हैं। उसके बाद 2 से 5 साल पुराने मामलों को निपटाया जाएगा। लक्ष्य बड़ा है – मार्च 2026 तक सारे लंबित केस क्लियर कर डालना। अगर डाकिया को पता चले कि पेंशनर अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो वो तुरंत रिपोर्ट करेगा। इससे परिवार को अगले लाभार्थी की पेंशन शुरू हो जाएगी या PPO बंद हो जाएगा। जोनल ऑफिसेस को हर कदम पर नजर रखने को कहा गया है। इससे न सिर्फ पेंशन में रुकावटें हटेंगी बल्कि लाखों परिवारों को न्याय मिलेगा।
खुद करने वालों के लिए आसान ऑप्शन
हां, अगर आप जवान दिल के हैं और स्मार्टफोन संभाल लेते हैं, तो EPFO कह रहा है – खुद ही जीवनप्रमाण या उमंग ऐप से DLC जेनरेट कर लो। लेकिन जो मुश्किल लगे, वो फ्री डोरस्टेप सेवा लें। ये योजना 2020 से चल रही थी, लेकिन अब पूरी तरह मुफ्त हो गई है। इससे पेंशनर्स को कभी पेंशन रुकने की टेंशन नहीं रहेगी। सोचिए, कितने बुजुर्गों को अब सुबह-सुबह लाइन में लगने की जरूरत नहीं। ये बदलाव उनकी जिंदगी में नई आसानी ला रहा है।
क्यों है ये कदम गेम-चेंजर?
विशेषज्ञ भी यही कह रहे हैं कि ये पेंशनर्स के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ का सच्चा उदाहरण है। बुजुर्गों की परेशानी कम होगी, डिजिटल सेवाओं पर भरोसा बढ़ेगा। EPFO और IPPB की ये साझेदारी मानवीय स्पर्श वाली है – सम्मान से पेंशन जारी रखने में मदद। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां बैंक दूर हैं, ये क्रांति लाएगी। सरकार का ये प्रयास आत्मनिर्भर भारत को मजबूत कर रहा है। अगर आप पेंशनर हैं या जानते हैं किसी को, तो आज ही कॉल करके अपॉइंटमेंट बुक कर लें। भविष्य यहीं है!
















