भारतीय म्यूचुअल फंड मार्केट में पिछले एक साल ने निवेशकों को खुशहाल बना दिया है। SBI म्यूचुअल फंड की चुनिंदा योजनाओं ने खासा कमाल किया है, जहां रिटर्न 55 प्रतिशत से शुरू होकर 64 प्रतिशत तक पहुंच गया। ये स्कीम्स अलग-अलग सेक्टर्स जैसे पब्लिक यूटिलिटी, हेल्थकेयर और इंडेक्स फंड्स पर फोकस करती हैं। लंपसम निवेश करने वालों के लिए ये जबरदस्त साबित हुई हैं। अगर आप अपने पैसे को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो ये विकल्प आपके लिए सोने में सुहागा साबित हो सकते हैं। इस लेख में हम इन्हीं टॉप 5 स्कीम्स की गहराई से चर्चा करेंगे, ताकि आप सही फैसला ले सकें।

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टॉप परफॉर्मिंग स्कीम्स
SBI म्यूचुअल फंड की डायरेक्ट प्लान्स ने बाजार को पीछे छोड़ दिया। सबसे आगे है SBI PSU फंड डायरेक्ट प्लान, जिसने 64.48 प्रतिशत का रिटर्न दिया। ये स्कीम पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाती है, जो सरकारी बैकिंग से मजबूत रहती हैं। लंबे समय से ये स्थिरता दिखा रही है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर बूम के दौर में।
दूसरी पोजीशन पर है SBI हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड डायरेक्ट प्लान। इसने 57.16 प्रतिशत रिटर्न अर्जित किया। हेल्थकेयर सेक्टर की तेज रफ्तार, जैसे दवाइयों और हॉस्पिटल्स की डिमांड ने इसे बूस्ट दिया। महामारी के बाद ये क्षेत्र लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहा।
लॉन्ग टर्म और टैक्स सेविंग के सितारे
तीसरी स्कीम SBI लॉन्ग टर्म एडवांटेज फंड सीरीज V डायरेक्ट प्लान है, जिसका रिटर्न 56.04 प्रतिशत रहा। ये खासतौर पर टैक्स बचत के लिए बनाई गई है, जहां सेक्शन 80C के तहत फायदा मिलता है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए ये आदर्श है, क्योंकि ये इक्विटी पर फोकस रखती है और कंपाउंडिंग से फायदा देती है।
फिर आती हैं इंडेक्स आधारित स्कीम्स। SBI निफ्टी नेक्स्ट 50 ETF ने 55.70 प्रतिशत रिटर्न दिया। ये मार्केट के अगले 50 बड़े खिलाड़ियों पर ट्रैक करती है, जो ETF फॉर्मेट में कम खर्च के साथ हाई परफॉर्मेंस देती है। इसी तरह SBI निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड डायरेक्ट प्लान ने 55.33 प्रतिशत रिटर्न कमाया। ये फ्यूचर लीडर्स जैसे मिडकैप कंपनियों में निवेश के लिए बेस्ट हैं।
SIP निवेश, नियमित कमाई का राज
ये स्कीम्स लंपसम के अलावा SIP में भी शानदार हैं। तीन साल के एवरेज SIP रिटर्न देखें तो SBI PSU फंड ने 45.28 प्रतिशत वार्षिक दिया, जबकि हेल्थकेयर फंड ने 38.17 प्रतिशत। छोटे अमाउंट से शुरू करके मार्केट के उतार-चढ़ाव को बैलेंस किया जा सकता है। SIP रुपी कॉस्ट एवरेजिंग से रिस्क कम होता है और लंबे समय में बड़ा फंड बन जाता है। अगर आप सैलरीड हैं, तो मंथली 5-10 हजार से शुरुआत करें।
निवेश के जोखिम और सावधानियां
हाई रिटर्न हमेशा हाई रिस्क के साथ आते हैं। ये स्कीम्स मीडियम से हाई रिस्क कैटेगरी में हैं, इसलिए अपनी उम्र, इनकम और गोल्स के हिसाब से चुनें। बाजार गिरावट में धैर्य रखें। निवेश से पहले स्कीम की फैक्टशीट, पोर्टफोलियो और एग्जिट लोड चेक करें। फाइनेंशियल प्लानर से बात जरूर करें। डायरेक्ट प्लान चुनें ताकि कमीशन न कटे। शुरू करने के लिए SBI की आधिकारिक वेबसाइट या ट्रस्टेड प्लेटफॉर्म्स जैसे MF यूटिलिटी पर जाएं। KYC पूरा करके आसानी से इनवेस्ट करें।
















