
सुरक्षित निवेश और बंपर मुनाफे की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए ‘सोवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (SGB) अलादीन का चिराग साबित हो रहा है, हालिया आंकड़ों ने बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है, जहां गोल्ड बॉन्ड ने पिछले 5 वर्षों में निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा करते हुए उनके पैसे को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
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5 साल में मिला छप्परफाड़ रिटर्न
बाजार विश्लेषण के अनुसार, जिन निवेशकों ने आज से 5-6 साल पहले गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया था, उन्हें सोने की बढ़ती कीमतों का सीधा फायदा मिला है, रिपोर्टों की मानें तो कुछ चुनिंदा सीरीज में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना तक बढ़ गया है, यह रिटर्न शेयर बाजार और रियल एस्टेट जैसे पारंपरिक निवेश माध्यमों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
दोहरी कमाई का फॉर्मूला
गोल्ड बॉन्ड की इस सफलता के पीछे केवल सोने की बढ़ती कीमतें ही नहीं, बल्कि सरकार द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाएं भी हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव बढ़ने से बॉन्ड की वैल्यू में सीधी बढ़ोतरी हुई।
- निवेशकों को हर साल 2.5% की दर से मिलने वाले गारंटीड ब्याज ने रिटर्न को और ज्यादा आकर्षक बना दिया।
- मैच्योरिटी के समय मिलने वाले कैपिटल गेन्स पर ‘जीरो टैक्स’ की सुविधा ने निवेशकों की शुद्ध बचत को बढ़ा दिया है।
फिजिकल गोल्ड से क्यों बेहतर?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिजिकल गोल्ड (गहने या सिक्के) के मुकाबले SGB ज्यादा सुरक्षित है, इसमें न तो चोरी का डर है और न ही मेकिंग चार्ज या शुद्धता की टेंशन, डिजिटल रूप में होने के कारण इसे संभालना आसान है और जरूरत पड़ने पर इसके बदले बैंकों से लोन भी लिया जा सकता है।
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भविष्य की क्या है तैयारी?
सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबी अवधि के निवेशक अभी भी SGB को पहली पसंद मान रहे हैं, यदि आप भी इस सरकारी स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आगामी सीरीज की जानकारी के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट या NSE इंडिया पर नजर रख सकते हैं।
अगर आप जोखिम कम और रिटर्न ज्यादा चाहते हैं, तो सोवरेन गोल्ड बॉन्ड एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य करें।
















