
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष ज्ञान परीक्षण (SIR) अभियान के बीच चुनाव आयोग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, यदि आप भी यूपी की वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं या पहले से कटे हुए नाम को दोबारा दर्ज कराना चाहते हैं, तो अब आपको सतर्क रहने की जरूरत है, नए नियमों के मुताबिक, नाम जुड़वाने के लिए केवल सामान्य निवास प्रमाण पत्र अब पर्याप्त नहीं होगा।
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फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र हुआ अनिवार्य
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रनवा के अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अब फॉर्म-6 के साथ एक स्व-घोषणा पत्र (Declaration Form) देना अनिवार्य कर दिया गया है, इस घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं या अपने परिवार (माता-पिता या दादा-दादी) के विवरण (विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और क्रम संख्या) की जानकारी देनी होगी। यदि विवरण डेटाबेस से मेल नहीं खाता है, तो प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया जा सकता है।
नाम जुड़वाने के लिए मांगे गए ये 11 दस्तावेज
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के समय नाम, पता और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक देना अनिवार्य होगा:
- आधार कार्ड (नाम और स्पेलिंग आवेदन के समान होनी चाहिए)
- भारतीय पासपोर्ट
- पैन कार्ड (PAN Card)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- जन्म प्रमाण पत्र (सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी)
- हाईस्कूल (10वीं) की मार्कशीट (जिसमें जन्मतिथि अंकित हो)
- बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
- पेंशन भुगतान आदेश (PPO)
- बिजली, पानी या गैस कनेक्शन का बिल
- जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST)
- किराया या विक्रय अभिलेख (Registry/Rent Agreement)
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6 फरवरी 2026 तक है मौका
यूपी में चल रहे इस अभियान के तहत जिन नागरिकों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे 6 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं, इसके बाद 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
घर बैठे कैसे करें आवेदन?
मतदाता अब घर बैठे भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं, इसके लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक Voters’ Service Portal या ECINet App का उपयोग किया जा सकता है, ऑनलाइन फॉर्म भरते समय “Existing Voter” का विकल्प चुनकर पुराने EPIC नंबर के जरिए नाम की निरंतरता बरकरार रखी जा सकती है।
किसी भी भ्रम या सहायता के लिए मतदाता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
















