
सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ी खबर आ रही है। कोलकाता की वेबसोल रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को आंध्र प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 8 गीगावॉट इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की हरी झंडी दे दी है। ये फैक्ट्री 4 GW सोलर सेल और 4 GW सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता वाली होगी। कुल लागत करीब 3,538 करोड़ रुपये की बताई जा रही है। कंपनी ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को फाइलिंग देकर ये खुशखबरी शेयर की है। सोचिए, भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में ये कितना बड़ा कदम है!
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प्रोजेक्ट की डिटेल्स और लोकेशन का खुलासा
ये प्लांट आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के नैदुपेटा में बनेगा, जो करीब 120 एकड़ जमीन पर दो फेज में तैयार होगा। कंपनी ने पिछले साल नवंबर 2025 में आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड (APEDB) के साथ MoU साइन किया था, और अब आखिरकार सरकारी आदेश आ गया है।
सबसे अच्छी बात ये कि इससे सीधे 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। ऊपर से, फैक्ट्री के लिए 100 MW का कैप्टिव सोलर पावर प्लांट भी लगेगा, जो सस्ती और ग्रीन बिजली देगा। इससे उत्पादन लागत कम होगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा। वाकई, ये प्रोजेक्ट लोकल इकोनॉमी को बूस्ट देगा।
कंपनी का बैकग्राउंड और मौजूदा क्षमता
वेबसोल रिन्यूएबल कोई नई कंपनी नहीं है, बल्कि भारत की पुरानी और भरोसेमंद सोलर मैन्युफैक्चरर्स में शुमार है। अभी इनकी मुख्य फैक्ट्री वेस्ट बंगाल के पलटा SEZ में है, जहां 120 MW सोलर सेल और 550 MW मॉड्यूल की क्षमता है। कंपनी हाई-एफिशिएंसी मोनो PERC टेक्नोलॉजी पर फोकस करती है, जो सोलर प्रोडक्ट्स को ज्यादा प्रभावी बनाती है।
इस नए प्लांट से कुल क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। चेयरमैन और MD ने कहा है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और ये मंजूरी उन्हें बड़े स्तर पर योगदान देने का मौका देगी। आत्मनिर्भर भारत का सपना सच करने में ऐसी कंपनियां ही तो अहम हैं।
शेयर परफॉर्मेंस: मल्टीबैगर रिटर्न का जादू
अब बात करते हैं निवेशकों की। वेबसोल के शेयर ने पिछले तीन सालों में निवेशकों को 728.26% का धमाकेदार रिटर्न दिया है – यानी मल्टीबैगर स्टॉक का परफेक्ट एग्जांपल। सोमवार को ये शेयर 0.50% ऊपर चढ़कर 83 रुपये पर ट्रेड हुए। हालांकि, 2025 से अब तक 49.35% की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन लॉन्ग टर्म में ये स्टॉक ने कमाल कर दिखाया। कंपनी का मार्केट कैप 3,538 करोड़ रुपये के आसपास है। ये खबर आने के बाद शेयर में हलचल बढ़ सकती है। जो लोग सोलर सेक्टर पर नजर रखते हैं, उनके लिए ये अपॉर्चुनिटी हो सकती है, लेकिन रिस्क हमेशा रहता है।
भारत के सोलर सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
ये प्रोजेक्ट सिर्फ वेबसोल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सोलर इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। भारत सरकार का PLI स्कीम और नेट जीरो टारगेट को देखते हुए सोलर मैन्युफैक्चरिंग पर जोर बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश जैसा स्टेट इस तरह के इनवेस्टमेंट्स से इकोनॉमी को पंख दे रहा है।
आने वाले दिनों में और भी ऐसी खबरें सुनने को मिलेंगी। अगर आप सोलर स्टॉक्स या रिन्यूएबल एनर्जी में इंटरेस्ट रखते हैं, तो वेबसोल पर नजर रखिए। कुल मिलाकर, ये न्यूज भारत की ग्रीन एनर्जी जर्नी को स्पीड देगी।
















