
सर्राफा बाजार में सोना और चांदी इस समय अपने ऐतिहासिक उच्च स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven Assets) की बढ़ती मांग, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (US Federal Reserve) की संभावित नरम मौद्रिक नीति और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते आने वाले सप्ताह में भी सोने की मजबूती बनी रह सकती है, जबकि चांदी में तेज़ उछाल के बाद कुछ स्थिरता या करेक्शन देखने को मिल सकता है।
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वैश्विक मैक्रो डेटा पर टिकी निवेशकों की नजर
पीटीआई के मुताबिक, जानकारों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में निवेशकों का फोकस प्रमुख वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर रहेगा। इसमें अमेरिका और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के महंगाई (Inflation) आंकड़े, पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर–PCE Index, जीडीपी ग्रोथ–GDP Growth, पीएमआई–PMI Reading और बेरोज़गारी के दावे (Jobless Claims) शामिल हैं। ये सभी आंकड़े आने वाले समय में Fed Policy के रुख को लेकर अहम संकेत देंगे, जिसका सीधा असर Gold और Silver Prices पर पड़ सकता है।
MCX पर सोना-चांदी ने बनाए नए रिकॉर्ड
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में 3,698 रुपये यानी करीब 2.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान सोना 10 ग्राम के लिए 1,43,590 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
वहीं चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया। एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में लगभग 14 फीसदी यानी 35,037 रुपये प्रति किलोग्राम की तेज़ी आई और यह 2,92,960 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गई।
इंटरनेशनल मार्केट में भी मजबूत ट्रेंड
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कॉमेक्स (COMEX) पर सोने के वायदा भाव में बीते सप्ताह 94.5 डॉलर या 2.09 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सोना सप्ताह के अंत में 4,595.4 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि इसने सप्ताह के दौरान 4,650.50 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ।
चांदी ने ग्लोबल मार्केट में और भी आक्रामक रुख दिखाया। कीमतों में 9.2 डॉलर या 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 88.53 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। इससे पहले चांदी 93.75 डॉलर प्रति औंस के लाइफटाइम हाई तक पहुंच चुकी थी।
डॉलर और जियोपॉलिटिक्स ने बदला समीकरण
JM Financial Services के EBG–Commodity & Currency Research के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में आई तेजी का एक कारण डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया भी रहा। हालांकि, सप्ताह के अंत में मुनाफावसूली (Profit Booking) और लॉन्ग लिक्विडेशन के चलते सोने में हल्की नरमी देखी गई।
उन्होंने बताया कि ईरान से जुड़े जियोपॉलिटिकल जोखिमों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपेक्षाकृत नरम रुख, उम्मीद से बेहतर अमेरिकी रोजगार डेटा और मजबूत डॉलर के कारण जोखिम प्रीमियम कुछ कम हुआ।
Gold Price Prediction: आगे कहां तक जा सकता है सोना?
Angel One के DVP–Research (Non-Agri Commodities & Currency) प्रमुख प्रथमेश माल्या का कहना है कि जियोपॉलिटिकल टेंशन, कमजोर डॉलर, गिरती ट्रेजरी यील्ड और सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी से सोने को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
उनके मुताबिक, आने वाले सप्ताह में MCX पर सोना 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 4,750 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।
Silver Outlook: तेजी बरकरार, लेकिन करेक्शन संभव
प्रणव मेर के अनुसार, चांदी में हालिया तेजी के पीछे इंडस्ट्रियल डिमांड और ट्रेड पॉलिसी से जुड़ी सकारात्मक खबरें हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पास पहुंचने पर चांदी में बड़ा करेक्शन आ सकता है।
उनका कहना है कि तेज़ रैली के बाद कंसोलिडेशन और प्राइस करेक्शन बाजार का सामान्य हिस्सा होता है।
लॉन्ग टर्म में स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं कीमती धातुएं
InCred Money के CEO विजय कुप्पा का मानना है कि सोना और चांदी दोनों ही Structurally Positive बने हुए हैं। सेंट्रल बैंक अपने रिज़र्व में सोना जोड़ रहे हैं और ETF Inflows सप्लाई के बड़े हिस्से को एब्जॉर्ब कर रहे हैं।
वहीं, टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी–Renewable Energy और इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़ी मांग चांदी को लॉन्ग टर्म में सपोर्ट देती रहेगी। उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी के बावजूद कीमती धातुएं पोर्टफोलियो हेज के रूप में अपनी अहमियत बनाए रखेंगी।
















